Top 7 ranking factors of google in Hindi

गूगल पर अपनी वेबसाइट को रैंक करवाना हर website owner का सपना होता है आखिर हो भी क्यों ना इससे उसकी website का traffic जो बढ़ता है और जितना ज्यादा website का traffic उतनी ज्यादा एअर्निंग पर क्या कभी आपने यह सोचा है की आखिर गूगल क्या देखकर कुछ websites को पहले Page पर ranking दे देता है एवं बाकी अन्य pages को नहीं दे पाता।

दोस्तों आज का हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे हम आज जानेंगे की Google के Top 7 ranking factors कौन से हैं तो बिना वक़्त जाया किए हुए चलिए शुरू करते हैं।

1- Quality Content (लेख की गुणवत्ता)

दोस्तों सबसे पहला एवं सबसे महत्वपूर्ण Ranking factor है की आपका Blog कितनी ख़ूबसूरती एवं कितने बेहतर ढंग से लिखा हुआ है।

एक लेख को खूबसूरत बनाने के लिए इन केंद्र बिंदुओं का ध्यान रखें-
1- लेख खुद लिखें उसे copy अथवा spin कर के अपनी website पर ना डालें।
2- Blog को जितना विस्तार से हो सके उतना विस्तार से लिखें।
3- Blog में लिखे Points को ढंग से समझाने के लिए Images और Videos का इस्तेमाल करें।
4- Blog को आसान भाषा में लिखें ताकि एक कम पढ़े लिखे व्यक्ति से लेकर एक degree Holder व्यक्ति भी उसे आसानी से समझ सके।

2- Backlinks

दोस्तों किसी अन्य website पर आपकी website को मिले External link को बैकलिंक कहते हैं।

दोस्तों लोग कितना भी नकार लें लेकिन Backlink आज भी google के top 3 ranking factors में से एक है। आप आसान keywords को quality content से रैंक करवाने में सक्षम हो सकते हैं मगर जो keyword रैंक करवाने में अधिक मुश्किल होते है अथवा जिनमे Competition अधिक होता है यदि आप उन keywords को रैंक करवाना चाहते हैं तो आपको backlink की आवश्यकता ज़रूर पड़ेगी।

यदि आप जानना चाहते हैं की backlinks कैसे बनाए जाते हैं तो आप हमारी website पर लिखे ब्लॉग Backlink कैसे बनाएं ज़रूर पढ़ें।

3- Keyword इंटेंट (Keyword का अभिप्राय)

Keyword intent का अर्थ है की आखिर गूगल पर search करने वाला व्यक्ति क्या result देखना चाहता है। मतलब सीधा सा है अगर कोई व्यक्ति Good morning images गूगल पर search करता है तो ज़ाहिर है वह ब्लॉग नहीं पढ़ना चाहता वह बस Images देखना अथवा हो सकता है download करना चाहता है।

ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अपनी website पर ब्लॉग लिखता है एवं images डालता ही नहीं है तो वह कभी भी Google पर rank नहीं हो पाएगा क्यूंकि वह Search Intent समझ ही नहीं पाया अब वही अगर वह Blog लिखने की जगह अच्छी quality iamges अपनी Website पर डालता है तो उसके google पर रैंक होने के आसार बढ़ जाएंगे क्यूंकि वह अब समझ चूका है की गूगल पर Search करने वाला व्यक्ति आखिर Search result में क्या चाहता है।

4- Page load speed

जब भी कोई व्यक्ति आपकी website के link पर क्लिक करता है तो आपकी website उसके तत्पश्च्यात कितनी देर लगाती है खुलने में इसे ही Page load speed कहते हैं। दोस्तों लोग अपना धैर्य खो चुके हैं यह एक कड़वा सत्य है और गूगल यह बात समझता है इसीलिए वह चाहता है की गूगल का इस्तेमाल कर रहे व्यक्ति को अधिक इंतज़ार ना करना पड़े ऐसा करने से वह Google को छोड़ कर चला जाएगा और इसका इस्तेमाल करना बंद कर देगा इसीलिए google चाहता है की Google पर वही websites रैंक हों जो कोई जल्दी से खुल जाएं और Google का इस्तेमाल कर रहे व्यक्ति को ज्यादा इंतज़ार ना करने पड़े।

अपनी Website के page load speed को बढ़ने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें-
1- अच्छी hosting का प्रयोग करें एवं Cheap hosting से बचें।
2- वेबसाइट की स्पीड बढ़ने के लिए Wp-Rocket एवं W3 Total cache जैसे plugin का प्रयोग करें।
3- अपनी वेब्सिटपर प्रयोग की जाने वाली Images अथवा videos को compress करना ना भूलें इससे आपके Webpage size पर बहुत फ़र्क़ पड़ता है।
4- Free DNS server का प्रयोग करें।

5- Content freshness

दोस्तों दुनिया और दुनिया के नियम बदलते रहते है इसीलिए कहा जाता है हमे वक़्त के साथ चलना चाहिए यही नियम आपके ब्लॉग पर भी लागू होता होता है इसिलए ध्यान रहे की आपके ब्लॉग में लिखी गई जानकारी कहीं Expire ना हो जाए। डॉयन अपने ब्लॉग में लिखी जानकारी को लगातार Update करते रहे। उदाहरण के रूप में आज जो हमारे देश के परकाधान मंत्री है को सकता है की आज से पांच साल बाद ना हो पर यदि हम हमने ब्लॉग में अपने आज के प्रधान मंत्री का नाम आज से पांच साल बाद नहीं बदला तो वह content expire हो जाएगा।

दोस्तों गूगल कभी भी Expired कंटेंट को रैंक नहीं करता इसीलिए ध्यान रहे अपने ब्लॉग को वक़्त के साथ Update करते रहे जिससे की उसकी ताज़गी बरकरार रहे और वह rank होने के लिए हमेशा सक्षम रहे।

6- Mobile friendly Website

दोस्तों यह बात अब किसी से छुपी नहीं रही है की लोग Mobile का इस्तेमाल Desktop से अधिक करते हैं। Google भी अब mobile को अधिक महत्व देने लगा है इसीलिए तप गूगल चाहता है की आपकी website Mobile friendly हो अर्थात आपकी website mobile पर सही ढंग से खुले।

Mobile पर Google का अत्यधिक प्रयोग होता देख google ने 15 april 2015 को यह घोषणा कर दी की वेबसाइट का Mobile Friendly होना अब रैंकिंग को Decide करने में एक महत्वपूर्ण संकेत होगा।

डॉयन अब जब भी आप अपने ब्लॉग को लिखें तो अपने वेब पेज को इस तरह से optimize करें की वह Mobile में सही ढंग से खुले इसके लिए हलके Font का इस्तेमाल करें एवं Images को भी ज्यादा size का ना रखें जिससे की आपकी वेबसाइट मोबाइल में शै ढंग से खुल सके।

7- Https अब एक Ranking factor है

दोस्तों आप जब भी किसी वेबसाइट पर Visit करते होंगे तो देखते होंगे की जिस वेबसाइट पर Https लिखा रहता है वह सुरक्षित (Secure) दिखाई देती हैं और जो website Http के साथ खुलती है उसे google आसुरक्षित (Not secure) दिखता है।

दोस्तों ऐसा आपको इसीलिए नज़र आता है क्यूंकि secure websites ने SSL Certificate को अपनी website पर Install किया हुआ होता है एवं Non secure website ने नहीं। SSL Certified websites hack करना आसान नहीं होता है वही non SSL Certified websites को Hack करना आसान होता है एवं उसके Data leak होने के आसार भी अधिक होते हैं इसीलिए august 2014 को गूगल ने यह घोषणा की की आज के बाद से Https रैंकिंग संकेत होगा। google यह नहीं चाहता की गूगल के उपभोगताओं का Data secure रहे और इसीलिए वह उन websites को मान्यता अधिक देता है जो की SSL Certified है।

आशा करते हैं दोस्तों आपको यह ब्लॉग पसंद आया होगा। अब आप भी इन 7 Ranking signals पर अधिक ध्यान दे कर अपनी website को Google के पहले Page पर रैंक करवा सकते हैं। यदि आपको यह ब्लॉग पसंद आया है तो इसे अधिक से अधिक लोगों तक shara करें एवं हमारे ब्लॉग को लोकप्रिय बनाने में हमारे मदद करें। ब्लॉग को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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conclusion

दोस्तों आशा लरते है की आपको हमारा यह लेख काफी पसंद आया होगा, और अगर पसंद आया है तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजियेगा ताकि उन्हें भी इस लेख का लाभ मिले, और अगर आपके मन में कोई संदेह हैं तो आप हमें निचे comment कर के पूछ सकते है।

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